उत्तराखंड में जल्द 5 नए हेली रूट शुरू होंगे। सहस्रधारा से चार शहरों तक नियमित हेली सेवा चलेगी, जबकि पिथौरागढ़-नाभीढांग रूट भी शुरू किया जाएगा। पर्यटन और तीर्थाटन को मिलेगा बड़ा लाभ।
देहरादून: उत्तराखंड में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन विभाग प्रदेश में पांच नए हेली रूटों पर नियमित सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित सभी मार्गों का सर्वे और चिह्नीकरण पूरा हो चुका है। अब हेलीकॉप्टर कंपनियों के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नई हेली सेवाओं से पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, वहीं पर्यटन, तीर्थाटन और स्थानीय लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
यूकाडा (UCADA) की योजना के तहत सहस्रधारा हेलीपोर्ट (देहरादून) से टनकपुर, पौड़ी, श्रीनगर (गढ़वाल) और जोशीमठ के लिए नियमित हेली सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पिथौरागढ़ से नाभीढांग के बीच भी नई हेली सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
पहले से संचालित हो रही हैं कई हेली सेवाएं
प्रदेश में उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम के तहत फिलहाल आठ हेली सेवाएं एलायंस एयर और थंबी एविएशन के सहयोग से संचालित की जा रही हैं।
वहीं, क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के अंतर्गत कुल 30 हेली सेवाएं संचालित हो रही हैं। इनमें हेरिटेज एविएशन की 24 सेवाएं और पवन हंस की 6 सेवाएं शामिल हैं।
तीन महीने में 11 हजार से अधिक यात्रियों ने किया सफर
हेली सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चालू वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में 11,242 यात्रियों ने इन सेवाओं का लाभ उठाया है। सरकार का मानना है कि नए रूट शुरू होने के बाद यह संख्या और तेजी से बढ़ेगी।
टेंडर प्रक्रिया के बाद तय होगी शुरुआत की तारीख
प्रस्तावित सभी रूटों का सर्वे और चिह्नीकरण पूरा हो चुका है तथा इनके संचालन के लिए डीजीसीए (DGCA) से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की जा चुकी है। अब इच्छुक हेलीकॉप्टर कंपनियों से निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जा रही हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई हेली सेवाओं की शुरुआत की तिथि घोषित की जाएगी। हाल ही में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यूकाडा के मुख्य अधिशासी अधिकारी ने इस योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।




