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उत्तराखंड SC-ST छात्रवृत्ति घोटाला: ED ने 13.83 करोड़ रुपये की संपत्तियां की अटैच

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देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 13.83 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत ईडी के देहरादून सब-जोनल कार्यालय द्वारा की गई है।

यह मामला वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए संचालित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में हुए कथित फर्जीवाड़े और सरकारी धन के गबन से जुड़ा है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमों के आधार पर ईडी ने धनशोधन के पहलुओं की जांच शुरू की थी।

फर्जी छात्रों के नाम पर करोड़ों की छात्रवृत्ति

ईडी की जांच में सामने आया कि कई निजी शिक्षण संस्थानों ने फर्जी और अयोग्य छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभार्थी दिखाकर सरकारी धन प्राप्त किया। जांच के दौरान कुल 6,208 छात्रवृत्ति दावों में से 2,895 दावे फर्जी पाए गए।

जांच के अनुसार:

  • 668 अनुपस्थित छात्रों को 3.85 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित दिखायी गई।
  • 84 असफल अथवा परीक्षा फॉर्म न भरने वाले छात्रों के नाम पर 33.65 लाख रुपये जारी किए गए।
  • 1,662 ऐसे छात्रों को 7.34 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दर्शाई गई जो विश्वविद्यालय में पंजीकृत ही नहीं थे।
  • 47 गैर-संबद्ध (नॉन-अफिलिएटेड) पाठ्यक्रमों के छात्रों को 29.75 लाख रुपये वितरित दिखाए गए।
  • 434 डुप्लिकेट अथवा रिकॉर्ड में मौजूद न होने वाले छात्रों के नाम पर 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।

कॉलेज स्टाफ के नियंत्रण में चल रहे थे बैंक खाते

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि कई छात्रों के नाम पर खोले गए बैंक खातों का संचालन कॉलेज प्रबंधन और कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा था। कई खातों में एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया। छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति की राशि जमा होने के बाद उसे संस्थानों के खातों में वापस ट्रांसफर कर दिया जाता था या नकद निकाल लिया जाता था।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस संगठित फर्जीवाड़े ने समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना के मूल उद्देश्य को ही प्रभावित किया और वास्तविक जरूरतमंद छात्रों को लाभ से वंचित कर दिया।

अब तक 5 अभियोजन शिकायतें दाखिल

ईडी ने इस मामले में अब तक विशेष PMLA अदालत, देहरादून में पांच अभियोजन शिकायतें (Prosecution Complaints) दाखिल की हैं। साथ ही पांच प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। ताजा कार्रवाई के बाद मामले में आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

ईडी का कहना है कि घोटाले में शामिल व्यक्तियों और संस्थानों की भूमिका की जांच जारी है तथा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

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सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

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