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देहरादून में राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ महारैली: पेपर लीक और बेरोजगारी पर हजारों युवाओं का फूटा आक्रोश

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देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली युवाओं के आक्रोश, उम्मीद और बदलाव के संकल्प का मंच बन गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संबोधन से पहले और उनके मंच पर पहुंचने के दौरान युवा जोश और नारों से गूंज उठा।

हजारों छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

सभा स्थल पर “पेपर लीक बंद करो”, “रोजगार हमारा अधिकार है”, “युवा जागा है, देश बदलेगा”, “मेहनत का सम्मान करो” और “नौकरी नहीं, तो जवाब दो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।

युवाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा समयबद्ध परीक्षाओं की मांग उठाई। बड़ी संख्या में छात्र दूर-दराज के जिलों से भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों की चोरी है। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्षों की मेहनत, आर्थिक संघर्ष और मानसिक दबाव के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, लेकिन भ्रष्ट तंत्र उसकी मेहनत को कुछ मिनटों में बेकार कर देता है। उन्होंने शिक्षा और भर्ती प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बन्नू स्कूल की महारैली के दौरान उन छात्रों को भी मंच पर बुलाया गया, जिनकी परीक्षाएं पेपर लीक या परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित हुई हैं।

कई युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं ने उनके करियर के महत्वपूर्ण वर्ष छीन लिए हैं। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया थापा के पिता ने अपनी बेटी के संघर्ष और परिवार की पीड़ा को साझा किया।

कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

राहुल गांधी के संबोधन के दौरान छात्र बार-बार खड़े होकर तालियों और नारों के साथ उनका समर्थन करते रहे। सभा में मौजूद युवाओं ने पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा कैलेंडर को समयबद्ध बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की।

कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इसे युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह अभियान सड़क से संसद तक जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं की लड़ाई को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।

देहरादून की “छात्रों की गूंज” महारैली ने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड का युवा अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि वह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। युवाओं की उमड़ी भीड़ से भाजपा खेमे में विशेष हलचल देखी गयी।

राहुल गांधी का दून आगमन और छात्रों की गूंज…साथ में डीजे के शोर में थिरकते युवा.. शाम को हुई भारी बारिश से कार्यक्रम स्थल पर कई जगह कीचड़… फिर भी युवाओं के साथ बुजुर्ग व गोद लिए बच्चों के साथ आईं माताएं भी संगीतमयी मुद्दा आधारित भीगी शाम की गवाह बनीं…लगभग चार से पांच घण्टे तक बन्नू स्कूल में युवाओं के आने जाने का सिलसिला जारी ही रहा..बन्नू स्कूल के इलाके में जोशीले युवाओं की नारेबाजी..”पेपर लीक..नीट.. समेत कुछ युवा प्रतियोगियों की मौत से उपजे सवालों पर राहुल गांधी का सिस्टम से कई सवाल..शुक्रवार 17 जुलाई को रेसकोर्स इलाके व आसपास भारी जाम..लगभग रात्रि 8 बजे राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज और युवाओं के भविष्य पर कुछ ज्वलंत बिंदु उकेरे।

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सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

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