लालकुआं। बिंदुखत्ता क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक युवक की जिंदगी छीन ली। वीडियो के कारण उपजे मानसिक दबाव में आकर युवक ने आत्मघाती कदम उठाते हुए सल्फास खा लिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतक की पहचान रावत नगर, बिंदुखत्ता निवासी 30 वर्षीय दीपक सिंह मेहता के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले दीपक को रास्ते में रोककर कच्ची शराब के शक में कुछ लोगों ने जांच की थी। इस दौरान कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
दीपक के भाई परवीन सिंह मेहता का आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बाद से ही दीपक गहरे मानसिक तनाव में चला गया था। वह लोगों से मिलना-जुलना कम कर चुका था और लगातार दबाव में रह रहा था। परिवार का कहना है कि यदि किसी को संदेह था तो मामला पुलिस तक पहुंचाना चाहिए था, लेकिन वीडियो वायरल कर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई।
घटना वाले दिन दीपक घर से करीब 3 किलोमीटर दूर शीशम भुजिया स्थित एक प्राथमिक विद्यालय परिसर पहुंचा, जहां उसने सल्फास खा लिया। जहर खाने के बाद उसने खुद ही फोन कर परिजनों को सूचना दी। परिजन तत्काल उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
दीपक अपने परिवार का सबसे बड़ा सदस्य था और अपने पीछे दो बेटियां तथा तीन माह का एक मासूम बेटा छोड़ गया है। इस घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि वीडियो बनाने और वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि वीडियो सबसे पहले किसने सोशल मीडिया पर डाला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





