ऊधमसिंह नगर। जनपद में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने कार्य में लापरवाही और खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम रहने पर शक्तिफार्म पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को एक साथ लाइन हाजिर कर दिया है। सोमवार को हुई इस सामूहिक कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे और खनन सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
शक्तिफार्म क्षेत्र की बैगुल नदी और आसपास के इलाकों में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार पुलिस बैठकों में यह मुद्दा उठाया था। नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित मंडल ने भी सड़कों पर गिरती मिट्टी और बेखौफ दौड़ते अवैध वाहनों से होने वाली समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया था। बावजूद इसके, स्थानीय पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आ रही थी।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब करीब ढाई महीने पहले खनन माफिया राजस्व विभाग की टीम से भिड़ गए और जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली जबरन छुड़ा ले गए। तहसीलदार हिमांशु जोशी द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं कर सकी। एसएसपी अजय गणपति ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना और कड़ा रुख अपनाते हुए चौकी इंचार्ज प्रकाश भट्ट समेत सभी 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया।
लाइन हाजिर होने वाले पुलिसकर्मियों में चौकी प्रभारी प्रकाश भट्ट के अलावा एएसआई सुरेंद्र बोरा, भगवान रमोला, हरीश कबड्वाल, भुवन आर्या, तुलसी भट्ट, भूपेंद्र कुमार और दीपक नेगी शामिल हैं। एसएसपी की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले या लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि शक्तिफार्म क्षेत्र में लंबित पड़े खनन से जुड़े मुकदमों में तेजी आएगी और फरार चल रहे माफियाओं की जल्द गिरफ्तारी होगी। पुलिस मुख्यालय ने नई टीम को जिम्मेदारी सौंपते हुए पारदर्शी तरीके से कार्य करने और अवैध खनन पर पूर्णतः रोक लगाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।




