Home » देश » उत्तराखंड: गंभीर आरोपों के चलते कनिष्ठ अभियंता की सेवा समाप्त, विभागीय आचरण पर उठे सवाल

उत्तराखंड: गंभीर आरोपों के चलते कनिष्ठ अभियंता की सेवा समाप्त, विभागीय आचरण पर उठे सवाल

Share Now



देहरादून/पौड़ी गढ़वाल, 22 जुलाई 2025 | वरिष्ठ संवाददाता
जिला पंचायत पौड़ी में तैनात तदर्थ कनिष्ठ अभियंता सुदर्शन सिंह रावत पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए शासन ने उनकी सेवा समाप्त कर दी है। जांच में उनके खिलाफ लगे आरोप न केवल गंभीर पाए गए, बल्कि विभागीय निष्ठा को भी संदेह के घेरे में डालते हैं।

पंचायतीराज निदेशालय से जारी आदेश के अनुसार, अभियंता सुदर्शन सिंह रावत की तैनाती विभागीय हित और जनहित दोनों के प्रतिकूल पाई गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उनके आचरण से विभाग की साख को ठेस पहुंची है।

21 अक्टूबर 2024 से सेवा समाप्त
श्री रावत को पहले निलंबित किया गया था और निलंबन आदेश की तिथि 21 अक्टूबर 2024 मानी गई थी। अब उसी दिन से उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, जबकि अन्य कोई भुगतान देय नहीं होगा।

शासन की सख्त मंशा
यह कार्रवाई शासन की उस नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत विभागीय भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही में चूक करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं कई बार यह संकेत दे चुके हैं कि उत्तराखंड में शासन व्यवस्था को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने की दिशा में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।

अब विभागीय तंत्र सतर्क
इस कार्रवाई से जिला पंचायतों सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत तदर्थ और स्थायी कर्मियों को स्पष्ट संदेश गया है कि सेवा में अनुशासनहीनता व लांछन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, पंचायतीराज विभाग अन्य मामलों की भी समीक्षा कर रहा है और आगे और नाम सामने आ सकते हैं।
#उत्तराखंड #जिला_पंचायत #प्रशासनिक_कार्रवाई #कनिष्ठ_अभियंता #सस्पेंशन #UttarakhandNews

Picture of सुरेश उपाध्याय

सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Also Read This

Panchang

Live Score