लालकुआं।
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के हल्दुचौड़ निवासी 100% दिव्यांग राष्ट्रीय पैरा खिलाड़ी भुवन चंद्र गुणवंत ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम के बल पर सफलता का परचम लहराते हुए प्रदेश एवं देश का नाम गौरवान्वित किया है। भुवन गुणवंत की यह उपलब्धि न केवल खेल जगत के लिए बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का साहस रखता है।
असम के गुवाहाटी में 26, 27 एवं 28 मार्च 2026 को आयोजित द्वितीय पैरा लॉन बॉल राष्ट्रीय चैंपियनशिप (2025-26) में भुवन गुणवंत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के तत्वावधान में पैरा इंडियन लॉन बॉल्स फेडरेशन के सहयोग से तथा ऑल असम पैरा लॉन बॉल्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित की गई, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक मान्यता प्राप्त है। देशभर से आए प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भुवन ने अपने खेल कौशल और धैर्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्रिपल स्पर्धा में रजत पदक (द्वितीय स्थान) और डबल्स स्पर्धा में कांस्य पदक (तृतीय स्थान) हासिल कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।
भुवन गुणवंत की यह उपलब्धि उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। वे इससे पहले भी अनेक राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई पदक और प्रशस्ति पत्र प्राप्त कर चुके हैं। उनकी विशेषता केवल एक खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक बहुमुखी खिलाड़ी हैं। पैरा लॉन बॉल के अलावा वे एक कुशल पैरा तैराक, व्हीलचेयर बैडमिंटन खिलाड़ी तथा गोला फेंक (शॉट पुट) के भी उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं। सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने जिस प्रकार निरंतर अपने प्रदर्शन को निखारा है, वह उनकी अद्वितीय प्रतिबद्धता और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है।
भुवन गुणवंत का जीवन संघर्ष और सफलता की एक ऐसी प्रेरक गाथा है, जो यह संदेश देती है कि शारीरिक अक्षमता किसी भी व्यक्ति के सपनों को सीमित नहीं कर सकती। उन्होंने अपनी मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर यह साबित किया है कि असली ताकत मन और इरादों में होती है। उनका सफर उन हजारों दिव्यांगजनों के लिए आशा की किरण है, जो जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं।
उनकी इस शानदार उपलब्धि पर परिवारजनों, स्थानीय निवासियों, खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर है। राष्ट्रीय संगठन ‘सक्षम’ से जुड़े पदाधिकारियों ने भी भुवन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने भुवन गुणवंत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “भुवन जी ने अपनी मेहनत और जज्बे से यह सिद्ध कर दिया है कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनकी उपलब्धि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। विशेषकर युवाओं और दिव्यांगजनों को उनसे सीख लेनी चाहिए कि परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, यदि इरादे मजबूत हों तो सफलता निश्चित है।”
भुवन चंद्र गुणवंत की यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और खेल के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी।




