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कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने दी राहत, अब सड़क के दोनों ओर 50 फीट के अंदर माना जाएगा अतिक्रमण

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पंतनगर के नगला क्षेत्र में अब सड़क के दोनों ओर लोगों को अब 50-50 फीट अतिक्रमण हटाना होगा. पहले 70 फीट के करीब था.

रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले में पंतनगर के नगला क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. रुद्रपुर बाईपास से किच्छा तक सड़क चौड़ीकरण के कारण सड़क के दोनों किनारों में रहने वाले लोगों को उजड़ने का डर सता रहा था, जिसको लेकर शासन स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था. आज समिति के अध्यक्ष व कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के नेतृत्व में समिति की टीम ने क्षेत्र का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया. इसके बाद तय किया गया कि सड़क के बीच से दोनों तरफ 50-50 फीट तक अतिक्रमण हटाना होगा. पहले ये 70 फीट के करीब तक था.

इस दौरान समिति के पदाधिकारी जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर, प्रभागीय वनाधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मौजूद रहे. निरीक्षण के दौरान समिति ने प्रभावित क्षेत्रों का बारीकी से परीक्षण किया और अभिलेखों का संज्ञान लिया.

गौरतलब है कि नगला बाइपास से किच्छा तक सड़क किनारे लगभग 750 परिवार पिछले 50 से 60 सालों से रह रहे है. सड़क के चौड़ीकरण को लेकर लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और पंतनगर कृषि विश्विद्यालय ने लोगों को अतिक्रमण को हटाने का नोटिस थमाया था. इसके बाद स्थानीय लोगों ने कई दिनों तक धरना प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद शासन ने मामले के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था. कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के नेतृत्व में 30 सितंबर को समिति मौके पर पहुंची थी.

इस दौरान कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि शासन स्तर पर एक कमेटी बनाई गई है, जो नगर पालिका नगला के जमीन की जांच करेगी और पता लगाएगी किसका स्वामित्व कहा पर है. उन्होंने बताया कि वन विभाग और लोक निर्माण विभाग ने जमीन पर दावा किया है. इसके साथ-साथ तराई स्टेट फॉर्म के नाम पर जमीन होने की बात सामने आई है.

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि पूर्व में लोक निर्माण विभाग ने कुछ चालान किए थे. उस आधार पर सड़क के मध्य से 50 फीट दोनों ओर माना गया है. इसको लेकर नोटिस भी दिए गए थे. नोटिस के आधार पर सड़क के दोनों ओर 50-50 फीट चिह्नित कर लिया जाए, जो भी इसकी जद में कंस्ट्रक्शन आएगा उसे अतिक्रमण माना जाएगा. अगर और डिटेल की आवश्यकता पड़ती है तो सर्वे ऑफ इंडिया से इसकी सर्वे कराई जाएगी. अतिक्रमणकारियों के लिए राहत की बात ये है कि इससे कई लोगों को पक्का निर्माण बच रहा है. पहले 70 फीट तक के अतिक्रमण में कई लोगों का पक्का निर्माण भी टूट रहा था, जिससे लोग काफी डरे हुए थे.

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सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

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