देहरादून। उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार जल्द हो ही सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसके संकेत दिए हैं। विस्तार की चर्चाओं से मंत्री पद की दौड़ में शामिल विधायकों के अरमान फिर से जाग गए हैं। लंबे समय से मॉनिटरिंग में प्रवेश की परीक्षा कर रही कहीं विधायकों के अरमान जैन के बाद कई नए विधायकों की भी लॉटरी लगने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस बीच दिल्ली जब गए तब से ही कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। तमाम अन्य नेताओं की भी इस दौरान नई दिल्ली में हाई कमान के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद भी यह बात सामने आ रही है कि कैबिनेट विस्तार जल्द हो सकता है। वर्तमान सरकार का कार्यकाल भी अब केवल ढाई साल का ही बचा है लिहाजा इस बार की तरफ सरकार और संगठन कोशिश कर रहे हैं कि चुनाव के मध्य तक सभी नेताओं को एकफुट किया जा सके और कैबिनेट मंत्रियों के साथ ही दायित्वों का भी बंटवारा समय रहते कर दिया जाए।
राज्य कैबिनेट में पांच पद खाली चल रहे हैं। इनमें एक पद काफ़ी लंबे समय से खाली है, जबकि एक पद पूर्व सांसद और मंत्री प्रमेंद्र अग्रवाल के इस्तीफा के बाद खाली हुआ है। सरकार इन पदों के लिए जल्द नामों का इंतजार कर रही है। लेकिन कई बार की कवायद के बावजूद अभी तक मंत्रियों के चयन पर बात नहीं हो सका। हालांकि सूत्रों ने बताया कि सीएम की नई दिल्ली दौरे के दौरान उनकी कैबिनेट विस्तार को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत हुई है और केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी के साथ अब जल्द इस संदर्भ में निर्णय लिया जा सकता है।
फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार में जिन लोगों के नाम की चर्चा चल रही है उसमें विधायक मदन कौशिक खजानचंद, रीता बहुगुणा भगत, बिशन सिंह चुफाल, राम सिंह खेड़ा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।




