हल्द्वानी। शहर की बनभूलपुरा तहसील क्षेत्र से बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत ने गुरुवार देर शाम अचानक छापा मारते हुए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। छापेमारी के दौरान कमिश्नर के हाथ ऐसे कई दस्तावेज लगे, जो दूसरे लोगों के नाम पर बनाए गए थे। मौके से पुराने बिजली बिलों, फर्जी निवास प्रमाण पत्रों और नकली ईमेल आईडी के सबूत भी बरामद हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, हल्द्वानी तहसील में कार्यरत एक अराजनबीस (दस्तावेज लेखक) फैजान मिकरानी पर आरोप था कि वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र तैयार कर रहा है। इस संबंध में बरेली निवासी रईस अहमद ने कमिश्नर दीपक रावत से शिकायत की थी कि उनके नाम से किसी अन्य व्यक्ति का स्थायी निवास प्रमाण पत्र तैयार कर लिया गया है। शिकायत के बाद कमिश्नर ने खुद जांच शुरू की और गुरुवार शाम टीम के साथ फैजान मिकरानी के घर पहुंचे।
छापेमारी में पाया गया कि फैजान ने सीएससी सेंटर के जरिये दर्जनों फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए हैं। इनमें कई दस्तावेज ऐसे थे जिनमें दूसरों के मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी का दुरुपयोग किया गया था। मौके पर सैकड़ों पुराने बिजली बिल भी मिले जिन्हें प्रमाण के रूप में फर्जी दस्तावेजों में जोड़ा गया था।
कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उप जिलाधिकारी हल्द्वानी को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित सीएससी सेंटर को बंद करा दिया गया। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि तहसील परिसर में बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को दस्तावेज लेखन या अराजनबीसी का कार्य नहीं करने दिया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में इस फर्जीवाड़े में कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत के भी संकेत मिले हैं। कमिश्नर ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान कमिश्नर दीपक रावत के साथ एसडीएम राहुल शाह, सीओ नितिन लोहनी, तहसीलदार कुलदीप पांडे सहित प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे।





