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इंजीनियर ने फांसी लगाकर कर ली अपनी जिंदगी खत्म, पेन ड्राइव में सुसाइड नोट मिला

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आगरा: यूपी के आगरा के पचकुइयां (लोहामंडी) स्थित होटल खूबसरस में रविवार की रात मेरठ के एक इंजीनियर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सोमवार को दरवाजा तोड़कर शव पंखे से उतारा गया। पेन ड्राइव में सुसाइड नोट मिला है। उसमें भी खुदकुशी की वजह साफ नहीं है। सुसाइड नोट में लिखे एक महिला डॉक्टर के नाम और नंबर ने कहानी को उलझा दिया है।

एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि सोमवार सुबह होटल से मैनेजर ने सूचना दी कि कमरा नंबर 204 का दरवाजा नहीं खुल रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा। अंदर एक युवक का शव पंखे पर लटका मिला। मेज पर पर्ची मिली, जिस पर पेन ड्राइव का जिक्र था। पुलिस ने पेन ड्राइव को ओपन किया। पीडीएफ फाइल में सुसाइड नोट मिला। युवक की पहचान 31 वर्षीय रोहित पुत्र सुखदेव चंद के रूप में हुई। वह मूलत: शिवरामपुरम, गोलाबाग रोहटा मार्ग मेरठ का निवासी था। पुलिस ने उसके पिता को फोन मिलाया तो पता चला कि उसने गाजियाबाद से इंजीनियरिंग की थी।

वह अविवाहित था और करीब पौने दो साल पहले उसकी मां का देहांत हो गया था। वह और बेटा ही घर में रहते थे। उनका बड़ा बेटा आईआईटी मुंबई से पढ़ा है और साइंटिस्ट है। बड़े बेटे व दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। पिता ने बताया कि रोहित दस जुलाई से घर से बाहर था। उन्हें यह नहीं बताया था कि कहां जा रहा है। पिता ने बताया कि वह पुलिस विभाग से रिटायर हैं। पुलिस ने होटल में जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि रोहित के सुसाइड नोट से भी खुदकुशी की वजह साफ नहीं हुई है। उसने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। रोहित रविवार की शाम होटल में रहने आया था।

सुसाइड नोट में इच्छा सूची कॉलम में मोहित का नंबर और दो मोबाइल नंबर लिखे हैं। दोनों नंबर विदेशी हैं। नीचे लिखा है कुछ करने की जरूरत नहीं है। मैं जैसे गायब हूं वैसे ही रहने दो। मुझे कोई ड्रामा नहीं चाहिए। घर पर सब को बुलाओ 13 दिन का ड्रामा कुछ भी नहीं करना है। रिश्तेदारों को कुछ बताने की जरूरत नहीं है। सुसाइड नोट में मैं यहां क्यों… इस कॉलम में लिखा है अगर लास्ट टाइम यू टर्न मारना होता तो डॉक्टर बचा लेती। उसका पहला मरीज मैं और वह मेरी आखिरी डॉक्टर है। मेरा शरीर एसएन मेडिकल कॉलेज को दान कर दें। संभव हो सके तो अंगदान करें। यह सब लिखा क्योंकि मैं गायब हो सकता हूं मगर मेरी बॉडी नहीं। सुसाइड नोट इंग्लिश और रोमन में लिखा है।

पेन ड्राइव में मिला रोहित का सुसाइड नोट स्पष्ट नहीं है। वह खुदकुशी क्यों कर रहा है, इसका कहीं कोई जिक्र नहीं है। सुसाइड नोट में सबसे पहली लाइन में उसने एसएन मेडिकल कॉलेज और एक महिला डॉक्टर का नाम और नंबर लिखा है। उसके बाद लिखा है कि तुम किसी को नहीं बताओगे, पहले पेन ड्राइव में मेरा नोट पढ़ लो। आईआईटी मुंबई का कार्ड है, वहीं है पेन ड्राइव। फाइल का नाम मोहित पीडीएफ है। किसी को जांच करने की जरूरत नहीं है। यह मेरा निर्णय है।

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सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

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