देहरादून/टिहरी गढ़वाल:उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। जनपद टिहरी गढ़वाल के मदननेगी क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय राज्य में शिक्षा क्रांति के एक नए अध्याय की शुरुआत है, जिससे स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए केंद्र सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए इसे राज्य के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से होगा श्रीगणेश
केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा दी गई इस स्वीकृति के साथ ही मदननेगी में विद्यालय का संचालन सिविल सेक्टर के अंतर्गत आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह विद्यालय न केवल मदननेगी बल्कि इसके आसपास के दुर्गम क्षेत्रों के नोनीहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का सबसे सशक्त माध्यम बनेगा। राज्य सरकार का मानना है कि जब दुर्गम क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थान खुलते हैं, तो वह पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिवेश को बदल देते हैं।
युवा भविष्य और संकल्पित सरकार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। आज के प्रतिस्पर्धी युग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच ही युवाओं को वैश्विक पटल पर खड़ा कर सकती है। मदननेगी में केंद्रीय विद्यालय का खुलना इसी संकल्प की एक कड़ी है। इससे न केवल छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रतिभा पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी। राज्य का विजन एक ऐसा सशक्त उत्तराखंड बनाना है जहां हर बच्चे को आधुनिक संसाधनों के साथ समान अवसर प्राप्त हों।
विद्यालय का स्वरूप और संचालन प्रक्रिया
योजना के अनुसार, विद्यालय का संचालन प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन होगा। विद्यालय की बढ़ती आवश्यकता और भविष्य की स्वीकृतियों के अनुसार इसे क्रमिक रूप से उच्च माध्यमिक स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तीव्र गति से पूर्ण किया जाए, ताकि अगले 30 दिनों के भीतर प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके। यह तत्परता दर्शाती है कि सरकार विकास की गति को लेकर कितनी गंभीर है।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में टिहरी की उपलब्धि
गौरतलब है कि भारत सरकार ने देशभर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोलने की पूर्व स्वीकृति प्रदान की थी। टिहरी गढ़वाल स्थित मदननेगी का यह विद्यालय उन्हीं विशेष स्वीकृतियों का हिस्सा है। यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में उत्तराखंड का पहाड़ी क्षेत्र विशेष स्थान रखता है। शिक्षा के क्षेत्र में लिया गया यह क्रांतिकारी निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए सफलता के द्वार खोलेगा और राज्य के शैक्षणिक ग्राफ को राष्ट्रीय औसत से ऊपर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।




