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बड़ी खबर (उत्तराखंड) मौसम का कहर, दो महिलाओं की मलवे में दबाने से मौत

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जिलाधिकारी ग्राउंड ज़ीरो पर, राहत-बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
रैदुल समेत बुरासी व बांकुड़ा में प्रभावितों की मदद के लिए सरकारी अमला मौजूद

जिलाधिकारी ने बताया कि पौड़ी तहसील के बुरांसी गांव में दो महिलाओं के मलबे में दबे होने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसमें से एक महिला का शव बरामद कर लिया गया है, दूसरी महिला की तलाश की जा रही है।
साथ ही थलीसैंण तहसील के बाँकुड़ा गांव में 5 नेपाली मजदूरों के बहने की सूचना है, उनकी तलाश जारी है।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि पाबौ के कलगाड़ी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर टूटे पुल के लिए बैली ब्रिज मंगवाया जा रहा है, साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री दी जा रही है।

दोनों मृतक महिलाओं की पहचान

पाबौ के बुरांसी गांव में आपदा के कारण जिन दो महिलाओं की मृत्यु हुई है उनके नाम-

1-आशा देवी पत्नी श्री प्रेम सिंह, उम्र -55 वर्ष।
2-विमला देवी पत्नी श्री बलवंत सिंह, उम्र -58 वर्ष

प्रभावितों को सुरक्षित वैकल्पिक ठिकानों पर शिफ्ट करने की कार्यवाही जारी

प्रभावितों को आपदा अहेतुक राशि, पेयजल, ड्राई राशन व जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग तत्पर

पौड़ी, 06 अगस्त 2025:
तहसील पौड़ी अंतर्गत रैदुल क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया तत्काल प्रभावित स्थल के लिए रवाना हुईं। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर भूस्खलन को हटवा कर सड़क मार्ग को खुलवाया गया तथा विभागीय अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर स्थिति का गहन निरीक्षण किया गया, साथ ही प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने की कार्यवाही शुरू की गयी।

जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत केंद्रों पर ठहराने, भोजन, इमरजेंसी लाइट्स, जीवन रक्षक दवाओं, तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित करायी जा रही है।

जिलाधिकारी द्वारा राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को रैदुल सहित जनपद के अन्य प्रभावित क्षेत्रों/गांवों/कस्बों में जानमाल की क्षति का त्वरित सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पौड़ी तहसील के बुरासी और थलीसैंण के बांकुड़ा गांवों में भी जानमाल की हानि का आकलन युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बंद पड़े मोटर मार्गों को खोला जा चुका है तथा अन्य को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोलने की कार्रवाई जारी है।

जिलाधिकारी ने पशुधन हानि के मामलों में प्रभावितों को तत्काल पशुचिकित्सा सेवाएं एवं अन्य योजनागत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जहाँ कहीं भी ग्रामीणों को खतरे की आशंका हो, वहाँ लोगों को सुरक्षित एवं स्वच्छ स्थानों पर स्थानांतरित करने हेतु वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्रभावित ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, वे लगातार प्रभावित क्षेत्रों में डटे रहें। प्रभावितों को उच्च गुणवत्ता वाला पैक्ड फूड एवं ड्राई राशन उपलब्ध कराने के लिए भी उपजिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

आपदा की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक विभागों — राजस्व, पुलिस, लोक निर्माण, विद्युत, खाद्य एवं रसद आदि — के अधिकारियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सभी विभागों को सतत निगरानी रखते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने की कार्यवाही की जा रही है।

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जिला नियंत्रण कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी तथा अपार जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है। साथ ही असुरक्षित मोटर मार्गों पर जान माल की हानि को देखते हुए आवागमन में एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

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सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

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