देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना और राज्य सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है।
कैशलेस इलाज से इनकार और मानक संचालन में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद तीन अस्पतालों की संबद्धता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है, जबकि एक अस्पताल पर 86,250 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सूचीबद्ध अस्पतालों पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की
प्राधिकरण के अनुसार, बरेली स्थित एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज तथा देहरादून के ओजस्वी और अरिहंत अस्पतालों की संबद्धता निलंबित की गई है। वहीं, बलूनी अस्पताल को वित्तीय दंड के साथ सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जांच में सामने आया कि कई मामलों में लाभार्थियों को कैशलेस उपचार से वंचित किया गया तथा रेफरल मरीजों को भर्ती करने से इनकार किया गया।
कुछ मामलों में मरीजों से अवैध रूप से धनराशि वसूली की शिकायतें भी सही पाई गईं। देहरादून के ओजस्वी अस्पताल में एक लाभार्थी से 12 हजार की अवैध वसूली का मामला सामने आया। जांच के बाद अस्पताल की संबद्धता निलंबित करते हुए उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पोर्टल पर जानकारी में अनियमितताएं भी पाई गईं
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर आगे डी-एम्पैनलमेंट जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।


