लालकुआँ के इंडियन ऑयल डिपो के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुए की मौत। वन विभाग की लापरवाही और सुस्ती को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश। पूरी खबर पढ़ें।
लालकुआँ (नैनीताल): उत्तराखंड के लालकुआँ क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा संकट सामने आया है। बीती रात कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बबूर गुमटी स्थित इंडियन ऑयल डिपो के पास नैनीताल-बरेली हाईवे पर एक अज्ञात वाहन ने तेंदुए को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तराई केंद्रीय वन प्रभाग की हल्द्वानी रेंज की बताई जा रही है।
सीमा विवाद में उलझा रहा विभाग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के वक्त गोला रेंज की टीम उसी मार्ग से गुजर रही थी। सड़क किनारे मृत तेंदुए को देखकर ग्रामीणों ने मदद मांगी, लेकिन कर्मियों ने हल्द्वानी रेंज का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों के भारी आक्रोश के बाद ही गौला रेंज की टीम ने संबंधित रेंज को सूचना दी। विभाग की इस “रेंज पॉलिटिक्स” और देरी के कारण स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा देखा जा रहा है।
लापरवाही के लगे गंभीर आरोप
कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कमल भड़ारी ने विभाग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग को इस क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। भड़ारी ने कहा कि संवेदनशील मामलों में विभागीय कर्मियों की उदासीनता अब आम बात हो गई है। समय पर कार्रवाई न होना और जिम्मेदारी से भागना वन्यजीवों के लिए काल साबित हो रहा है।
जांच और सुरक्षा की उठ रही मांग
इस घटना के बाद अब क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि यदि कॉरिडोर क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय नहीं बढ़ाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना नामुमकिन होगा।




