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Dehradun: विकास के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर

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देहरादून: विधानसभा के विशेष सत्र में बुधवार को कांग्रेस चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि आज जिस दिशा में राज्य जा रहा है उससे उत्तराखंड संरक्षित नहीं हो सकता। शिक्षा, स्वास्थ्य अब भी ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में स्थिति ठीक नहीं है। राज्य में खनन,भू-माफिया और भर्ष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। पहाड़, मैदान की बात नहीं बल्कि उत्तराखंड के हित लिए आपसी सौहार्द को बढ़ाना होगा।

सदन में कांग्रेस चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि कहा कि इन 25 वर्षो ने आज भी आंदोलनकारी चौखट पर खड़े हैं। आज भी इन्हें चिन्हित नहीं कर पाए। आज 25वीं वर्षगांठ पर सदन को राष्ट्रपति ने संबोधित किया। दो मंडलों की राज्य में कल सदन में पहाड़ और मैदान की बात उत्तराखंड के लिए बहुत ही दुःखद रहा। उत्तराखंड में हर धर्म के पवित्र धर्म स्थल हैं ऐसे में आपसी सौहार्द को खत्म करने की कोशिश उत्तराखंड के लिए चिंता का विषय है। राज्य में वीर गाथा की अपनी एक अलग पहचान है। अग्निवीर के माध्यम से नौजवान साथी देश की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। क्या वह अपने परिवार को सुरक्षा दे पाएंगे। अटल जी के राज्य निर्माण को स्वीकार करते हैं। राज्य निर्माण में अन्य लोगों के योगदान को भूल नहीं सकते।

प्रीतम सिंह के विषय पर कहा कि भाजपा विधायक दिलीप सिंह रावत ने कहा कि आंदोलन में कांग्रेस साथ खड़ी नहीं थी। प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य सभा प्रस्ताव में कांग्रेस समर्थन किया भाजपा के पास बहुमत नहीं था।

प्रीतम सिंह ने कहा कि आज जिस दिशा में राज्य जा रहा है उससे उत्तराखंड संरक्षित नहीं हो सकता। शिक्षा, स्वास्थ्य की ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ठीक नहीं है। पर्वतीय क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अच्छी नहीं है। पलायन आयोग की रिपोर्ट सोचनीय है। गंगा जीवनदायिनी है। नमामि गंगे का कार्य हुआ लेकिन दिखाई नहीं दे रहा है। हरिद्वार हर की पैड़ी में गंगा आचमन लायक नहीं है। देहरादून में स्मार्ट सिटी के नाम पर जो कार्य हुआ इसकी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने भूक़ानून पर कहा कि त्रिवेंद्र सरकार भूमि खरीदने की सीमा हटा देती है। डेमोग्राफिक परिवर्तन कैसे है। यहां कोई विदेश का नागरिक नहीं जमीन खरीदने आया है। देश का हर नागरिक कही जमीन खरीद सकता है। विदेशी नागरिक पर केंद्र और राज्य निगरानी रखे।

सदन में भाजपा विकास नगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि पहाड़ के सरोकार की बात करना मैदान का विरोध नहीं है। मूल सरोकार पर खतरा है, इस पर काम करने की आवश्यकता है। अनाधिकृत, अवैध तरीके से जमीन पर सेटलमेंट, कब्जा गलत है।

पीठ ने कहा कि आपसी सौहार्द में चर्चा होनी चाहिए।जिस तरह से विधायक अपनी बातों को लेकर उलझ रहे हैं उससे आपकी बातों को कोई सुन नहीं रहा है। ऐसा चर्चा कीजिए जिससे आपकी बातों को सुना जा सके।

प्रीतम सिंह ने कहा कि गदरपुर विधायक ने अवैध खनन की बात कही है। सरकार इसे क्यों नहीं रोक पाए रही है। इस सरकार में खनन,भू-माफिया और भर्ष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष विधायकों में तीखी बहस भी हुई। मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि धमकाए मत।

भाजपा विधायक फकीर राम टम्टा ने कहा कि पेंशन भुगतान ऑनलाइन किया जा रहा है। कपकोट भाजपा विधायक सुरेश गाड़िया ने कहा कि उत्तराखंड के जरूरत के विषयों पर आज बात की जा रही है। आज राज्य और सीमांत क्षेत्रों की जरूरत पर काम करना होगा। दूर अंचलों में बैठे लोगों की समस्या पर चिंतन और मंथन करना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण तिवारी को उत्तराखंड के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी विपक्ष में रहते हुए सहयोग किया। देवभूमि का प्रदेश हैं उत्तराखंड है। यहां देशभर के लोग शांति लिए आते हैं। पहाड़ मैदान की बात नहीं उत्तराखंड के हित की चर्चा होनी चाहिए।

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सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

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