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नैनीताल की धरोहर ‘ओल्ड लंदन हाउस’ भीषण आग की भेंट

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अफरा-तफरी के बीच स्थानीय प्रयासों से बचा बड़ा हादसा

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में मंगलवार देर रात शहर की ऐतिहासिक धरोहर ‘ओल्ड लंदन हाउस’ में भीषण आग लग गई। मोहनको चौराहे के पास स्थित इस इमारत में रात करीब 9:58 बजे आग भड़की और देखते ही देखते लपटों ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में इस आगजनी ने हड़कंप मचा दिया।

आग की सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन केंद्र नैनीताल से फायर ब्रिगेड, जल संस्थान, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व टीम समेत विभिन्न विभागों को मौके पर भेजा गया।

फायर ब्रिगेड पर गुस्सा

शुरुआती तौर पर जब नजदीकी फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तो लोगों में निराशा और आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों का आरोप था कि फायर गाड़ियों में पानी की कमी थी और उनके पाइप भी जगह-जगह से फटे हुए थे। जिस तरह से पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, उससे स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं थे। यही कारण था कि मौके पर दमकल विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा काफी अधिक था।

हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने स्वयं पहल करते हुए आग को नीचे की बिल्डिंगों तक फैलने से रोकने में सफलता पाई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यह कोशिश न की जाती तो आग बहुत ही विकराल रूप ले सकती थी और मल्लीताल का पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और सख्त निर्देश

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी वंदना, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक, पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, कोतवाल मल्लीताल हेम चंद्र पंत सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, आईजी कुमाऊं ऋद्धिम अग्रवाल ने भी घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय होकर काम करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर हल्द्वानी, रामनगर, भीमताल, अल्मोड़ा, रानीखेत, सितारगंज और रुद्रपुर से भी अतिरिक्त दमकल वाहन और पानी के टैंकर मंगाए गए। साथ ही सेना और एयरफोर्स के अग्निशमन वाहनों की मदद भी ली गई।

दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू

करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय नागरिकों व अतिरिक्त दमकल वाहन और पानी के टैंकर की सहायता से रात 12:00 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।
इस हादसे में आशंका जताई जा रही थी कि एक बुजुर्ग महिला मलबे में फंसी हो सकती है। बाद में एक शव बरामद हुआ, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।

स्थानीय धरोहर का नुकसान

शहर की ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा रही इस इमारत के जलकर खाक हो जाने से स्थानीय लोगों में गहरी निराशा है। ‘ओल्ड लंदन हाउस’ न केवल नैनीताल की पहचान था बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता था।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह निश्चित रूप से नैनीताल के इतिहास का सबसे बड़ा अग्निकांड बन सकता था।

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सुरेश उपाध्याय

संपादक चारधाम एक्सप्रेस न्यूज़

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